मन के मनके थे... लुढ़क गए तुम्हारे नाम की शिरोरेखा हो गए। प्रेम रेखांकित हो गया।
रचना 110 / 78930 अगस्त 2023मन के मनके थे✣मन के मनके थे... लुढ़क गए तुम्हारे नाम की शिरोरेखा हो गए। प्रेम रेखांकित हो गया।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह