कल्पनापूरा संग्रह

रचना 223 / 789

बहते पानी की आग है मेरा प्रेम

बहते पानी की आग है मेरा प्रेम.... दूर तक जायेगा वही बुझेगा जहां डूबना तय है।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह