कल्पनापूरा संग्रह

रचना 251 / 789

तोसे नैना जब से मिले

तोसे नैना जब से मिले.... मिलोगे तो .....चिनार के सारे पत्ते दे दूँगी। हरे पीले लाल भूरे... तुम बस एक बार मुझे कल्पना कह देना। *एक से दो होने वाले मन ढूंढती हूँ.... मिलना😊

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह