देह का असली लिबास है मन कोई पहने तो लगे अहा! मनुष्य मिला।
रचना 329 / 7892 मार्च 2024देह का असली लिबास है मन✣देह का असली लिबास है मन कोई पहने तो लगे अहा! मनुष्य मिला।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह