प्रेम अणु है .... टूट टूट कर भी प्रेम ही रहता है।
रचना 332 / 7895 मार्च 2024प्रेम अणु है .... टूट टूट कर भी प्रेम ही रहता है।✣प्रेम अणु है .... टूट टूट कर भी प्रेम ही रहता है।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह