कल्पनापूरा संग्रह

रचना 354 / 789

पारिजात से पूछना कभी बिछड़े हो डाली से

पारिजात से पूछना कभी बिछड़े हो डाली से ? जवाब नहीं आएगा। हम दोनों भी मिल गए हैं कुछ इस तरह चुपचाप

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह