रख लो पहाड़ी भरम हूँ धीरे धीरे पिघल जाऊंगी उस सफ़ेद बर्फ़ की तरह
रचना 521 / 78914 दिसंबर 2024रख लो पहाड़ी भरम हूँ✣रख लो पहाड़ी भरम हूँ धीरे धीरे पिघल जाऊंगी उस सफ़ेद बर्फ़ की तरहमूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह