कल्पनापूरा संग्रह

रचना 628 / 789

बहुत पास कितना पास होता है? मैंने पूछा।

बहुत पास कितना पास होता है? मैंने पूछा। उतना भर कि तुम देखो और मुस्कुरा दो। मैं सोचूं और हंस दूं। उसने कहा। साथ बना रहे..दूर पास का। *मन अशांत सा है ।कुछ अच्छा सा नहीं लग रहा। आसपास एक तनाव है। जल्द लौटे सुकून।

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