फासले
✣
फासले... स्त्री रूठ कर एकांत हो जाती है। उदास पुरुष चुप्पी में बदल जाता है। हताश लौट कर एक दूजे में चुप्पी और एकांत हँस कर कविता हो जाते हैं। यही प्रेम है मेरे लिए।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह
फासले... स्त्री रूठ कर एकांत हो जाती है। उदास पुरुष चुप्पी में बदल जाता है। हताश लौट कर एक दूजे में चुप्पी और एकांत हँस कर कविता हो जाते हैं। यही प्रेम है मेरे लिए।