तेरे हाल में अपना हाल मिलाया जाए
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तेरे हाल में अपना हाल मिलाया जाए बात बात में एक समंदर गलाया जाए। हम भी हैं क्या और तुम भी कौन हो? हर मसला वक्त रहते सुलझाया जाए । तस्वीर में हंसी बदन से रूठी है शायद कूची को जरा चूमकर उकसाया जाए l इक पल में ही कर लूंगी हजार सौ बातें चुप्पी को ज़रा उधर को सरकाया जाए l अरसे से आया नहीं कोई बसंत पतझर जिंदगी का नुक्ता खुद ही मिटाया जाए l
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह