वक़्त का नुक्ता है.... कभी ज़द कभी ज़िद पर चिपका रहता है। बस ज़िंदगी हाथ नहीं आती।
रचना 102 / 78926 अगस्त 2023वक़्त का नुक्ता है✣वक़्त का नुक्ता है.... कभी ज़द कभी ज़िद पर चिपका रहता है। बस ज़िंदगी हाथ नहीं आती।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह