शब्दों से इमरोज़ तो बहुत मिल जाते हैं
✣
शब्दों से इमरोज़ तो बहुत मिल जाते हैं ... पर अमृता वाला इमरोज़ तो फिर हुआ ही नहीं .... जैसे इमरोज़ वाली अमृता फिर कभी नहीं हुई .... जन्मदिन मुबारक अमृता जी .... इश्क़ मुबारक .... इमरोज़ मुबारक.... ******** क्योंकि मैंने कभी मौन नहीं चुना ... हर बार मन चुना .....मैं अमृत हो गई । मेरे इमरोज़... तुमने हर बार मेरे मन को मान दिया इसलिए तुम्हारी अमृता हो गई .... सब्र मुबारक इमरोज़ ... अमृता मुबारक
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह