कल्पनापूरा संग्रह

रचना 136 / 789

ढ़ेर सारी दुआओं ने दिन बना दिया।

ढ़ेर सारी दुआओं ने दिन बना दिया। इस प्यार के लिए सबको मेरा आभार। बेहद झल्ली सी कल्पना को इस प्यार की दरकार हमेशा रहेगी। आप सब आबाद रहिये । उसका दिल कभी न दुखाइये जो आपको जी जान से चाहे। 💐💐💐 शुभरात 😊

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