कल्पनापूरा संग्रह

रचना 137 / 789

दो केक अभी आए

दो केक अभी आए... एक dakshu की तरफ से एक विनोद की तरफ से आओ टूटें.... एंजॉय

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह