कल्पनापूरा संग्रह

रचना 172 / 789

तुमसे मुस्कुराहट का रिश्ता है

तुमसे मुस्कुराहट का रिश्ता है .... खास बात ये है कि अरसा हुआ तुमसे बोले हुए ....पर ये अब भी आबाद है। नाराज़गी से आज़ाद है।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह