कल्पनापूरा संग्रह

रचना 182 / 789

उसने मुझे मेरे मन के पास बैठना सिखाया है

उसने मुझे मेरे मन के पास बैठना सिखाया है.... इससे ज्यादा प्रेम कोई किसी को क्या दे सकता है।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह