कल्पनापूरा संग्रह

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हम संग बिताए वक्त को इश्क़ समझने लगते हैं

हम संग बिताए वक्त को इश्क़ समझने लगते हैं.... बस यहीं गच्चा खाते हैं। वक्त की डाल पर नहीं... बेवक्त के कांटे पर लगता है प्रेम और उसी पर सूखता सीखता जाता है। तुमको प्रेम करना बहुत आसान है पर अप्रेम करना बेहद दुश्वार

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह