कल्पनापूरा संग्रह

रचना 210 / 789

लडक़ी को तितली

लडक़ी को तितली औरत को पतंग और स्त्री को हवा होना चाहिए... इसी जन्म में ....लड़के ने कहा तितली और हवा तो ठीक है पर फिर औरत उन्मुक्त कैसे होगी? लड़की ने तपाक से पूछा प्रेम करके ..लड़के ने लड़की को पास बैठाते हुए कहा। किससे प्रेम करे औरत? डोर से या उस हाथ से जिसमें डोर है? लड़की ने गले में बाहें डाल कर पूछा । लड़के ने माथा चूम कर कहा जो डोर तुम्हें बांधे उसे पहले फेर में छोड़ दो। जिस पर तुम सूफी ताबीज़ बाँध दो उससे लिपट जाओ । अहा क्या बात !...कहकर लड़की ने उसी वक़्त अपनी डायरी में लिखा सूफ़ी ताबीज़ वाली औरत लड़के ने अपनी डायरी में लिखा तीन रंग का मिराज और दोनों हँस पड़े।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह