मन हार गया है
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मन हार गया है मन की आवाज नहीं हारती। उसकी देख नहीं हारती। थक गई हूं.... चाहती हूं लौट जाऊं पर एक रोज़ तुम्हारे पीछे चल पड़े इस मन को रास्ता याद ही नहीं ... न आने का न लौटने का बस थकान याद है तुम याद हो और एक दुःख याद है जो तीन ही मनके से बना है।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह