कल्पनापूरा संग्रह

रचना 216 / 789

कविता... भूख ,प्यास ,प्रेम और दर्द से बनती है

कविता... भूख ,प्यास ,प्रेम और दर्द से बनती है.... शब्दों से तो मनुष्य बनते हैं।

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