कल्पनापूरा संग्रह

रचना 236 / 789

सच कहते हैं लोग

सच कहते हैं लोग ... जगहें भर जाती हैं जगहों के बीच की जगहें ख़ाली रह जाती हैं तुम आना😊 तुम्हारा आना इन पन्नों में दर्ज़ है । कौन कमबख्त करता है कविता ... ये तो जगहों के बीच की खाली जगहों में तुमको छिपा लेती हूं ... वर्णमाला से झरते अक्षरों से

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह