मछली की तड़प पानी ही जानता है... इसलिए निश्चिन्त रहता है। जैसे तुम
रचना 240 / 78912 अक्टूबर 2023मछली की तड़प पानी ही जानता है✣मछली की तड़प पानी ही जानता है... इसलिए निश्चिन्त रहता है। जैसे तुममूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह