कुछ नदी का खारापन रखना था और कुछ समुंदर के मोड़ तुम मिल रहे हो ना प्रेम ?
रचना 247 / 78914 अक्टूबर 2023कुछ नदी का खारापन रखना था और कुछ समुंदर के मोड़✣कुछ नदी का खारापन रखना था और कुछ समुंदर के मोड़ तुम मिल रहे हो ना प्रेम ?मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह