ज़िंदगी सा गज़ब मसला हो तुम.... हो तब भी न हो तब भी।
रचना 248 / 78915 अक्टूबर 2023ज़िंदगी सा गज़ब मसला हो तुम✣ज़िंदगी सा गज़ब मसला हो तुम.... हो तब भी न हो तब भी।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह