कल्पनापूरा संग्रह

रचना 249 / 789

मेरे हँसने और खुश होने में फ़र्क है

मेरे हँसने और खुश होने में फ़र्क है.... इसे तुम जानते हो मैंने ये सिर्फ़ तुम्हें बताया है।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह