Bhavya Pandey
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Bhavya Pandey पहाड़ी जनमबार पुए के बिना पूरा नहीं होता। सुबह तो स्कूल भागने की जल्दी थी । शाम को मेरी मां का फोन आया कि पुए बनाए ? मैंने कहा अभी बना ही रही। आप सब को भी चखा देती हूं। दुआ दीजिए कि बिटिया के पंखों में हौसला भरा रहे। आप सब की शुभकामनाओं का शुक्रिया।
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