आज इनबॉक्स में 10 अक्टूबर का मैसेज मिला।
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आज इनबॉक्स में 10 अक्टूबर का मैसेज मिला। कल्पना जी की कविता पढ़ने के बाद मैं उनकी बसाई हुई कविता की कॉलोनी से बाहर नहीं आई । वहां शब्द चित्रों से उकेरा हुआ स्त्री का मन अद्भुत तरीके से बसा हुआ है । जो पढ़ने पर हर बार नए मायने समझाता है । प्रेम स्त्री के लिए एक अनंत विस्तार है वह कहीं से कहीं तक भी हो सकता है ना कहने के अधिकार में भी कल्पना जी शब्द चित्र का सफल प्रयोग करती हैं ।यह कविताएं इसी उन्नत सोच की प्रेरणा सब को देती हैं हिमानी जी शुक्रिया।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह