कल्पनापूरा संग्रह

रचना 336 / 789

मन की त्रासदी को अत्यंत बारीकी से लिखना

मन की त्रासदी को अत्यंत बारीकी से लिखना त्रासदी की कोई शैली नहीं होती कविता भी यह जानती है इस लिए बहती जाती है एक बारीक नदी

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह