कुछ तीर तरकश में ही छूट जाते हैं
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कुछ तीर तरकश में ही छूट जाते हैं मैं उसे उदासी भी कह सकती थी पर मैंने कहा *प्रेम* तुम्हारा प्रेम । दो अनुरागी दुखते हैं बहुत।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह
कुछ तीर तरकश में ही छूट जाते हैं मैं उसे उदासी भी कह सकती थी पर मैंने कहा *प्रेम* तुम्हारा प्रेम । दो अनुरागी दुखते हैं बहुत।