कल्पनापूरा संग्रह

रचना 340 / 789

बातें

बातें.... ज़िन्दगी कुछ बातें बस एक बार कहती है जैसे एक रोज़ उसने कहा था *आप कहीं न जाइए*।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह