कल्पनापूरा संग्रह

रचना 357 / 789

AM Metro

8 AM Metro कभी कभी दो लोग रात में गुजरने वाले जहाजों की तरह होते हैं जो संयोग से एक दो बार मिलते हैं ..... फिर ज़िंदगी में कभी नहीं मिलते।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह