तुम्हें दिल रखने का हक़ तो दूंगी पर दिल तोड़ने की सहूलियत अ…
✣
तुम्हें दिल रखने का हक़ तो दूंगी पर दिल तोड़ने की सहूलियत अपने पास रखूंगी। *चालीस दिन की छुट्टियां यूं चुटकी में बीत गईं । दो दिन बाद स्कूल खुलने वाले। कड़ी धूप इंतजार कर रही। ले ले कल्पना दो दिन और मज़े ले ले। मुस्कान बस अभी सरताज के गीत को सुनकर आई है।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह