आज नया विद्यालय ज्वाइन कर लिया।
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आज नया विद्यालय ज्वाइन कर लिया। सुबह से दिल्ली जमकर बरसी। जगह जगह पानी भर गया। स्कूल पहुंचना दूभर होगया। जैसे तैसे स्कूल पहुंची तो स्कूल की बिजली गुल थी। बच्चों का भी forced holiday हो गया। रिलीविंग लेटर का प्रिंट निकल ही नहीं पाया। आखिरकार प्राचार्य ने हस्तलिखित रिलीविंग बना कर विदा किया। इन सबके बीच मेरे साथ दस साल से काम करने वाली और मेरे स्कूल को चमका कर रखने वाली निर्मला दीदी ने अश्रु भरी विदाई दी। मेरे लिए कॉटन की बेहद खूबसूरत साड़ी लाई थी और शरमाते हुए बोली मैं आपको क्या दे सकती हूं।कलकत्ता की साड़ी लाई हूं। आप साड़ी में ही सुंदर लगते हो। अगली बार पहन कर आना। सुनते ही मन भीग गया और आंसू छलक गए। कम कहते कहते भी कितने सारे प्यार से भर दिया उसने मुझे। उपहार अनमोल है और निर्मला दीदी का प्रेम भी।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह