कल्पनापूरा संग्रह

रचना 396 / 789

वैसे देखा जाए तो हमारे पास हमारी sincerity और vision के अला…

वैसे देखा जाए तो हमारे पास हमारी sincerity और vision के अलावा कुछ नहीं होता।बाकी सारी चीज़ें आस पास से आती हैं। यह तस्वीर दस साल पहले बनी नई मुख्याध्यापिका की है। दस साल बाद भी वही नई नई जैसी फीलिंग आ रही। नई कुर्सी ,नया कमरा, नए लोग, नया स्कूल ,नया मन और ढेर सारी पुरानी वाली कल्पना । शुभम

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह