कल्पनापूरा संग्रह

रचना 403 / 789

ऐसी कई कविताएं मैं अक्सर बहा देती हूँ जो मुझसे तुम्हारे हिस…

ऐसी कई कविताएं मैं अक्सर बहा देती हूँ जो मुझसे तुम्हारे हिस्से के शब्द मांगती हैं।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह