खद्दर से रेशम लिखता है... प्रेम भी गज़ब रूबाब रखता है। *तस्वीर मेरी एक पुरानी याद भर है।
रचना 402 / 7892 जुलाई 2024खद्दर से रेशम लिखता है✣खद्दर से रेशम लिखता है... प्रेम भी गज़ब रूबाब रखता है। *तस्वीर मेरी एक पुरानी याद भर है।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह