कल्पनापूरा संग्रह

रचना 402 / 789

खद्दर से रेशम लिखता है

खद्दर से रेशम लिखता है... प्रेम भी गज़ब रूबाब रखता है। *तस्वीर मेरी एक पुरानी याद भर है।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह