कल्पनापूरा संग्रह

रचना 493 / 789

पहाड़ों के पास केवल देवस्थल हैं l

पहाड़ों के पास केवल देवस्थल हैं l आस्था है । पहाडन के पास तुम हो । आस है।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह