तुम अपरिहार्य हो …. इसलिए दुखते हो बहुत। *Once upon a time in 2007
रचना 502 / 7893 दिसंबर 2024तुम अपरिहार्य हो✣तुम अपरिहार्य हो …. इसलिए दुखते हो बहुत। *Once upon a time in 2007मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह