कल्पनापूरा संग्रह

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प्रेम आशा के विपरीत आशा करना है।

प्रेम आशा के विपरीत आशा करना है। साल भर सुखाती हूं ये चिनार के पत्ते .... कि सर्दियां आ जाएं.... तुम भी आ जाओ

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