कल्पनापूरा संग्रह

रचना 507 / 789

देह के बेहद सलोने हिस्से हैं ये पैर

देह के बेहद सलोने हिस्से हैं ये पैर ..... तुम तक एक रोज़ मुझे लाकर ही ये अंतिम अर्घ्य देंगे। *मेरी पसंद की तस्वीर

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह