पत्ते कम हो या परिंदे दरख़्त का दुःख एक सा है । मुझे तुमसे कुछ ऐसी विकलता चाहिए। 😊
रचना 515 / 7899 दिसंबर 2024पत्ते कम हो या परिंदे✣पत्ते कम हो या परिंदे दरख़्त का दुःख एक सा है । मुझे तुमसे कुछ ऐसी विकलता चाहिए। 😊मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह