कल्पनापूरा संग्रह

रचना 516 / 789

कोयल नाच नहीं सकती

*कोयल नाच नहीं सकती .... मोर गा नहीं सकता..... प्रेम में असहाय होना कुछ ऐसा सा ही है ना? *आग और आग कभी राग नहीं बनाते ..... तुम्हें "जल" ही होना होगा मेरे लिए। *तुम्हारा बस होना ..... बस तुम्हारा होना.... प्रेम की इससे वाज़िब वजह मेरे पास नहीं। *प्रेमी हो जाने पर प्रेम दुखने लगता है.... हम तुम प्रेम रहेंगे..... *उसके होंठ सबसे छोटा कागज़ और मेरी सबसे लंबी कविता अभी लिखी जानी है .... *अप्रेम में अतिरिक्त "अ" मैं हूँ और शेष प्रेम तुम शुभरात।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह