कल्पनापूरा संग्रह

रचना 534 / 789

तुम को कितना कुछ पता था चिड़िया,पहाड़, फूल, पत्ते , रेत हवा…

तुम को कितना कुछ पता था चिड़िया,पहाड़, फूल, पत्ते , रेत हवा ,कागज़, दिल और उंगलियों के बारे में। और मुझे बस तुम याद हो इनको प्रेम करते हुए दूर कहीं लिखते हुए।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह