देह का असली लिबास है मन कोई पहने तो लगे मनुष्य मिला l
रचना 538 / 78926 दिसंबर 2024देह का असली लिबास है मन✣देह का असली लिबास है मन कोई पहने तो लगे मनुष्य मिला lमूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह