कल्पनापूरा संग्रह

रचना 539 / 789

आज कुछ बहुत सुंदर पढ़ा

आज कुछ बहुत सुंदर पढ़ा... अगर शरीर से प्रेम है तो योग कीजिए अगर प्राण से प्रेम है तो प्राणायाम कीजिए अगर मन से प्रेम है तो ध्यान कीजिए अगर ईश्वर से प्रेम है तो समर्पण कीजिए।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह