इक वक़्त ही है जिसे ये कहना अच्छा लगता है ....मुझमें गुज़रते…
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इक वक़्त ही है जिसे ये कहना अच्छा लगता है ....मुझमें गुज़रते रहे साल भर फिर भी रुके रहे तुम मुझमें .... लेखा जोखा रखना शायद कभी मैंने सीखा ही नहीं । आप सब नए पुराने दोस्तों का शुक्रिया । शुक्रिया आपका जो साल भर मेरे इश्क़ में मेरे संग डूबे रहे । शुक्रिया आप का जिन्होंने मेरा लिखा सराहा ।मेरी तस्वीरों पर दिल उड़ाए। मेरी नादानियों पर मुस्कुराए। मुझे हर दिन अपने कुछ आभासी पल दिए।मेरी वाल को साफ सुथरा रखा। न मेरा मन दुखाया न खुद दुखे।मेरी खब्त को झेला। मेरी सादगी को सहज और सरल कह कर मान दिया। हर बात का शुक्रिया। कुछ ने खब्ती ,आत्ममुग्धा और दंभी कह कर छोड़ भी दिया । उनका भी शुक्रिया। मेरे *तुम *का शुक्रिया । साल भर खूब प्रेम किया तुमसे। लव यू all 😊😊😊 नया साल आप सब को मुबारक। प्रेम में डूबे रहें
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह