कल्पनापूरा संग्रह

रचना 596 / 789

प्रतीक्षा प्रेम की जिद्द है

प्रतीक्षा प्रेम की जिद्द है प्रेम एक मलंग प्रतीक्षा उस अघोरी को सार्थक करती छुअन प्रेम एक उद्धृत करता सुखन प्रतीक्षा एक समृद्ध करती थकन

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह