तुम्हें कितना कुछ पता था
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तुम्हें कितना कुछ पता था चिड़िया,पहाड़,फूल ,पत्ते, रेत ,हवा कागज़ , दिल और उंगलियों के बारे में । मुझे बस तुम याद थे इन सब को याद करते हुए। प्रेम लिखना ही नहीं प्रेम मिटा देना भी प्रेम ही है।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह