मैंने भावना रखी तुमने संभावना हम प्रेमी हुए फिर होते रहे।
रचना 625 / 78928 अप्रैल 2025मैंने भावना रखी✣मैंने भावना रखी तुमने संभावना हम प्रेमी हुए फिर होते रहे।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह