प्रतीक्षा ,एकांत ,उदासी ये प्रेम से मिला प्रसाद है और हताशा उससे मिला श्राप।
रचना 665 / 78923 जुलाई 2025प्रतीक्षा ,एकांत ,उदासी✣प्रतीक्षा ,एकांत ,उदासी ये प्रेम से मिला प्रसाद है और हताशा उससे मिला श्राप।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह