कल्पनापूरा संग्रह

रचना 665 / 789

प्रतीक्षा ,एकांत ,उदासी

प्रतीक्षा ,एकांत ,उदासी ये प्रेम से मिला प्रसाद है और हताशा उससे मिला श्राप।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह